कमर दर्द आज सबसे आम तकलीफों में से एक है। ऑफिस में घंटों कुर्सी पर बैठने वाले, गृहिणियां, ड्राइवर और बुजुर्ग, लगभग हर किसी को कभी न कभी इसका सामना करना पड़ता है। लोग अक्सर kamar dard ka ilaj और kamar me dard ho to kya kare जैसे सवाल इंटरनेट पर खोजते हैं। इस लेख में हम आसान हिंदी में बताएंगे कि कमर दर्द क्यों होता है, घर पर क्या करना चाहिए, कब डॉक्टर के पास जाना जरूरी है और कमर दर्द का इलाज बिना सर्जरी कैसे किया जाता है।
यह जानकारी वेदांत पेन मैनेजमेंट क्लिनिक, फरीदाबाद के अनुभव पर आधारित है। यह डॉक्टर की जांच का विकल्प नहीं है।
कमर दर्द को मोटे तौर पर दो हिस्सों में समझा जा सकता है। पहला, अचानक शुरू होने वाला दर्द, जो आमतौर पर भारी सामान उठाने, झटका लगने या गलत तरीके से झुकने से होता है और कुछ हफ्तों में ठीक हो जाता है। दूसरा, लंबे समय तक चलने वाला दर्द, जो तीन महीने से ज्यादा रहता है या बार-बार लौटता है। इसके पीछे अक्सर डिस्क, जोड़ों या नस की कोई समस्या होती है, और इसमें सही कारण पहचानना जरूरी होता है।
बहुत से लोग पूछते हैं कि कमर में दर्द क्यों होता है। इसके कई कारण हो सकते हैं:
इसका मतलब यह है कि हर कमर दर्द एक जैसा नहीं होता, और इसीलिए एक ही दवा या एक ही तरह की मालिश सबके लिए काम नहीं करती।
अगर दर्द नया है और कोई खतरे का संकेत नहीं है, तो पहले कुछ दिन ये उपाय आजमा सकते हैं:
कुछ संकेत बताते हैं कि समस्या गंभीर हो सकती है। इनमें इंतजार न करें:
ज्यादातर लोगों में कमर दर्द का इलाज बिना ऑपरेशन के हो जाता है। इलाज इस क्रम में चलता है:
डॉक्टर पहले दर्द की जगह, पैटर्न और असर को समझते हैं, फिर कमर, कूल्हे और नसों की जांच करते हैं। एक्स-रे या एमआरआई तभी कराया जाता है जब उससे इलाज की दिशा बदलने की संभावना हो। कई बार रिपोर्ट में घिसाव दिखता है, पर वही दर्द का असली कारण नहीं होता।
दर्द और सूजन कम करने के लिए कुछ समय की दवाइयां दी जाती हैं। नस के दर्द में अलग प्रकार की दवा काम करती है। इन्हें लंबे समय तक खुद से लेते रहना ठीक नहीं है।
कमर की लंबी राहत के लिए पेट और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करना सबसे जरूरी है। फिजियोथेरेपिस्ट आपकी स्थिति के हिसाब से कसरत और सही बैठने-उठने के तरीके सिखाते हैं।
अगर दवा और कसरत से भी आराम नहीं मिलता, तो चुनिंदा मरीजों में इमेज गाइडेंस में इंजेक्शन से दर्द की जड़ पर इलाज किया जाता है। नस की सूजन में एपिड्यूरल इंजेक्शन और जोड़ों के दर्द में मीडियल ब्रांच ब्लॉक जैसे विकल्प हैं। लंबे समय के जोड़ दर्द में रेडियोफ्रीक्वेंसी तकनीक पर भी विचार होता है। ये सभी हर मरीज के लिए नहीं होते और जांच के बाद ही तय किए जाते हैं।
सर्जरी तब सोची जाती है जब पैर की कमजोरी बढ़ रही हो, पेशाब या शौच पर असर पड़े या स्कैन में गंभीर दबाव दिखे और सही इलाज के बाद भी आराम न मिले। यह मरीजों का छोटा हिस्सा होता है।
ये हल्की कसरत आमतौर पर सामान्य कमर दर्द में कारगर रहती हैं। इन्हें धीरे-धीरे करें और अगर दर्द पैर तक उतरे, तो रुक जाएं और डॉक्टर से पूछें।
कुछ और कसरत और सही तरीका आप हमारे एक्सरसाइज पेज पर देख सकते हैं।
कमर दर्द में पेन मैनेजमेंट विशेषज्ञ, ऑर्थोपेडिक डॉक्टर, फिजियोथेरेपिस्ट या न्यूरोसर्जन मदद कर सकते हैं। बिना सर्जरी के विकल्प समझने के लिए पेन स्पेशलिस्ट पहली मुलाकात के लिए अच्छा चुनाव है। विस्तार से जानने के लिए पढ़ें कमर दर्द में कौन से डॉक्टर को दिखाएं।
अगर कमर दर्द कई हफ्तों से परेशान कर रहा है या दर्द पैर तक जा रहा है, तो वेदांत पेन मैनेजमेंट क्लिनिक में जांच करवा सकते हैं। यहां पहले सही कारण पहचाना जाता है और फिर बिना सर्जरी के उपाय तय किए जाते हैं। जानकारी के लिए फरीदाबाद में कमर दर्द का इलाज पेज देखें। कमर दर्द की सभी जानकारी बैक पेन ट्रीटमेंट पेज पर भी उपलब्ध है। अगर दर्द पैर में उतरता है, तो साइटिका के इलाज वाला पेज भी उपयोगी रहेगा।
दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम से भी मरीज यहां आते हैं। पुरानी रिपोर्ट और दवाइयों की सूची साथ लाएं।
पता: मकान नंबर 21, सेक्टर 9, सेक्टर 9 हुडा मार्केट के सामने, फरीदाबाद, हरियाणा 121006
फोन: +91 8171244512
समय: सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक
कमर दर्द आम है, लेकिन इसे हल्के में लेकर सालों तक सहते रहना ठीक नहीं। कारण पहचानकर सही इलाज, कसरत और आदतों में सुधार से ज्यादातर लोग काफी आराम पा लेते हैं। अगर दर्द लंबे समय से है, पैर तक जाता है या खतरे के संकेत दिखें, तो देर न करें और किसी विशेषज्ञ से मिलें।
लेखक: डॉ. मोहित गुप्ता, इंटरवेंशनल पेन फिजिशियन, वेदांत पेन मैनेजमेंट क्लिनिक, फरीदाबाद। यह जानकारी सामान्य शिक्षा के लिए है और डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है।