कमर या कूल्हे से शुरू होकर जांघ के पीछे से होता हुआ पैर तक उतरने वाला बिजली जैसा दर्द बहुत परेशान करता है। लोग इसे साइटिका कहते हैं, और इंटरनेट पर sciatica in hindi और sciatica ka ilaj जैसे शब्दों से इसके बारे में खूब खोजते हैं। इस लेख में हम आसान हिंदी में बताएंगे कि साइटिका क्या है, इसके लक्षण और कारण क्या हैं, घर पर क्या किया जा सकता है और साइटिका का इलाज बिना सर्जरी कैसे होता है।
यह जानकारी वेदांत पेन मैनेजमेंट क्लिनिक, फरीदाबाद के अनुभव पर आधारित है। यह डॉक्टर की जांच का विकल्प नहीं है।
हमारे शरीर की सबसे लंबी नस साइटिक नस है, जो कमर के निचले हिस्से से निकलकर कूल्हे, जांघ और घुटने के पीछे से होते हुए पैर तक जाती है। जब इस नस की जड़ों पर दबाव पड़ता है या सूजन आ जाती है, तो दर्द उसी रास्ते पर महसूस होता है। इसी को साइटिका कहते हैं।
असल में साइटिका कोई अलग बीमारी नहीं है, बल्कि एक लक्षण है। इसके पीछे कोई और समस्या होती है, जैसे डिस्क का खिसकना या रीढ़ की नलिका का सिकुड़ना। इसलिए इलाज भी कारण के हिसाब से तय होता है।
साइटिका का दर्द ज्यादातर एक ही पैर में होता है। अगर दोनों पैरों में एक साथ कमजोरी या सुन्नपन हो, तो इसे हल्के में न लें।
कमर की समस्या से अलग, कुछ और स्थितियां भी पैर में दर्द देती हैं, जैसे कूल्हे के जोड़ की समस्या या नसों में रक्त प्रवाह की कमी। इसलिए सही जांच बहुत जरूरी है।
नीचे दिए लक्षणों में अपॉइंटमेंट का इंतजार करने के बजाय सीधे इमरजेंसी में जाएं:
सिर्फ एमआरआई रिपोर्ट से साइटिका का कारण पूरी तरह नहीं पता चलता। कई लोगों की रिपोर्ट में डिस्क बल्ज दिखता है लेकिन दर्द नहीं होता, और कई लोगों को तेज दर्द होता है जबकि रिपोर्ट सामान्य लगती है। इसलिए डॉक्टर सबसे पहले आपकी बात सुनते हैं और जांच करते हैं।
अच्छी खबर यह है कि ज्यादातर लोगों में साइटिका का इलाज बिना सर्जरी के हो जाता है। इलाज कदम दर कदम चलता है।
शुरुआती दिनों में दर्द और सूजन कम करने के लिए डॉक्टर की सलाह से दवाइयां दी जाती हैं। नस के दर्द के लिए अलग तरह की दवा भी काम आती है। लंबे समय तक बिस्तर पर लेटे रहने की सलाह आजकल नहीं दी जाती, क्योंकि इससे ठीक होने में देर लगती है।
दर्द कम होने पर पेट और पीठ की मांसपेशियों की मजबूती, कूल्हे की लचक और नस की सही गति पर काम किया जाता है। यही हिस्सा दर्द को दोबारा लौटने से रोकता है।
जब दवा और कसरत से भी तेज दर्द बना रहता है, तब इमेज गाइडेंस में एपिड्यूरल इंजेक्शन से नस के आसपास की सूजन कम की जाती है। एक तरीका कॉडल एपिड्यूरल है। अगर एक ही नस जिम्मेदार हो, तो सेलेक्टिव नर्व रूट ब्लॉक से सीधे उसी नस पर इलाज किया जाता है। इंजेक्शन के खर्च और प्रकार के बारे में जानने के लिए एपिड्यूरल इंजेक्शन का खर्च वाला पेज पढ़ सकते हैं।
सर्जरी तब सोची जाती है जब स्कैन में नस पर गंभीर दबाव दिखे, पैर की कमजोरी बढ़ रही हो या सही इलाज के बाद भी दर्द कम न हो। ऐसी स्थिति में हम स्पाइन सर्जन से राय लेने की सलाह देते हैं।
नीचे दी गई कसरत हल्के दर्द में आम तौर पर की जाती हैं। इन्हें धीरे-धीरे करें। अगर पैर का दर्द या सुन्नपन बढ़े तो तुरंत रुक जाएं और डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से पूछें।
कसरत का सही सेट आपकी जांच पर निर्भर करता है। ज्यादा जानकारी के लिए एक्सरसाइज पेज देख सकते हैं।
पहली मुलाकात में सही जानकारी देने से जांच आसान हो जाती है। अपने साथ पुरानी एक्स-रे या एमआरआई रिपोर्ट, चल रही दवाइयों की सूची और अगर कोई पुराना इलाज हुआ है तो उसकी पर्ची रखें। यह भी नोट कर लें कि दर्द कब शुरू हुआ, किस स्थिति में बढ़ता है और किससे आराम मिलता है। अगर आपको डायबिटीज, ब्लड प्रेशर या खून पतला करने की दवा चल रही है, तो डॉक्टर को जरूर बताएं।
अगर पैर तक जाने वाला दर्द कई हफ्तों से परेशान कर रहा है, तो वेदांत पेन मैनेजमेंट क्लिनिक में जांच करवा सकते हैं। यहां पहले सही कारण पहचाना जाता है और फिर बिना सर्जरी इलाज की योजना बनाई जाती है। विस्तार से जानने के लिए फरीदाबाद में साइटिका का इलाज पेज देखें। दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम से भी मरीज यहां आते हैं। पुरानी रिपोर्ट और चल रही दवाइयों की सूची साथ लाएं।
पता: मकान नंबर 21, सेक्टर 9, सेक्टर 9 हुडा मार्केट के सामने, फरीदाबाद, हरियाणा 121006
फोन: +91 8171244512
समय: सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक
साइटिका का दर्द तकलीफदेह होता है, लेकिन सही कारण पहचानकर इलाज करने से ज्यादातर लोग राहत पा लेते हैं। कसरत, सही बैठने की आदतें और समय पर जांच इसमें सबसे अहम हैं। अगर दर्द लंबे समय से है, बार-बार लौट रहा है या पैर में कमजोरी महसूस हो रही है, तो देर न करें और विशेषज्ञ से मिलें।
लेखक: डॉ. मोहित गुप्ता, इंटरवेंशनल पेन फिजिशियन, वेदांत पेन मैनेजमेंट क्लिनिक, फरीदाबाद। यह जानकारी सामान्य शिक्षा के लिए है और डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है।