कंधे में ऐसा दर्द जो रात को करवट लेने नहीं देता, बाल बांधने या पीठ पर हाथ ले जाने में रुकावट डालता है और हाथ ऊपर उठाने पर अटक जाता है, अक्सर फ्रोज़न शोल्डर का संकेत होता है। लोग इंटरनेट पर frozen shoulder in hindi और kandhe me dard ka ilaj जैसे शब्द खोजते हैं। इस लेख में हम आसान हिंदी में बताएंगे कि फ्रोज़न शोल्डर क्या है, यह किसे होता है, इसके चरण और लक्षण क्या हैं, और फ्रोज़न शोल्डर का इलाज कैसे किया जाता है।
यह जानकारी वेदांत पेन मैनेजमेंट क्लिनिक, फरीदाबाद के अनुभव पर आधारित है। यह डॉक्टर की जांच का विकल्प नहीं है।
कंधे का जोड़ एक पतली झिल्ली या कैप्सूल से घिरा रहता है। फ्रोज़न शोल्डर, जिसे मेडिकल भाषा में एडहेसिव कैप्सुलाइटिस कहते हैं, में यह कैप्सूल सूज जाता है, मोटा और कसा हुआ हो जाता है। इससे कंधे की हरकत धीरे-धीरे बहुत सीमित हो जाती है। आप खुद हाथ उठाएं या कोई और उठाए, दोनों स्थितियों में कंधा एक सीमा के बाद आगे नहीं बढ़ता।
इसी वजह से यह कंधे की मांसपेशी या टेंडन की चोट से अलग होता है, जहां कोई दूसरा व्यक्ति हाथ को ज्यादा उठा सकता है। विस्तार से पढ़ने के लिए हमारा पेज फ्रोज़न शोल्डर (एडहेसिव कैप्सुलाइटिस) देखें।
फ्रोज़न शोल्डर आमतौर पर तीन चरणों से गुजरता है। हर चरण में लक्षण और इलाज की जरूरत अलग होती है।
इसमें कंधे में दर्द सबसे ज्यादा होता है, खासकर रात में और उस करवट पर लेटने पर। धीरे-धीरे कंधे की हरकत कम होने लगती है। यह चरण कई हफ्तों से कुछ महीनों तक चल सकता है।
दर्द कुछ कम होने लगता है, लेकिन जकड़न चरम पर होती है। कपड़े पहनना, ऊंची अलमारी तक हाथ ले जाना या पीठ पर हाथ पहुंचाना मुश्किल हो जाता है।
कंधे की हरकत धीरे-धीरे लौटने लगती है। यह चरण भी कई महीने ले सकता है। इसमें कंधे को मजबूत करना और सामान्य गतिविधियों पर लौटना मुख्य लक्ष्य होता है।
हर कंधे का दर्द फ्रोज़न शोल्डर नहीं होता। रोटेटर कफ की चोट, कैल्शियम जमना, कंधे के जोड़ में गठिया और गर्दन की नस पर दबाव भी इसी तरह का दर्द दे सकते हैं। गर्दन की नस की समस्या में दर्द कंधे से हाथ तक उतरता है, जिसके बारे में सर्वाइकल रेडिकुलोपैथी पेज पर पढ़ सकते हैं। कंधे के दर्द के सभी कारणों की जानकारी शोल्डर पेन ट्रीटमेंट पेज पर है। इसीलिए खुद से मालिश या दवा शुरू करने के बजाय सही जांच जरूरी है।
डॉक्टर कंधे की गति की जांच करते हैं और देखते हैं कि हाथ खुद उठाने और दूसरे द्वारा उठाने दोनों में गति कितनी सीमित है। जरूरत होने पर एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड या एमआरआई से दूसरी समस्याओं को परखा जाता है। डायबिटीज और थायरॉइड की जानकारी भी ली जाती है, क्योंकि ये इलाज को प्रभावित करते हैं।
सही इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस चरण में हैं। हमारा पेज फ्रोज़न शोल्डर का इलाज हर चरण का इलाज विस्तार से समझाता है। यहां संक्षेप में:
अब ध्यान कंधे की मांसपेशियों को मजबूत करने और रोजमर्रा के काम पूरी तरह शुरू करने पर होता है। बहुत से लोग आराम मिलते ही कसरत छोड़ देते हैं, जिससे थोड़ी जकड़न रह जाती है।
ज्यादातर मरीजों को सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती। कई महीनों के सही इलाज के बाद भी अगर कंधा बहुत जकड़ा रहे और नींद व काम पर असर पड़े, तब कंधे के सर्जन से मैनिपुलेशन या कैप्सूल रिलीज पर राय ली जाती है।
डायबिटीज में फ्रोज़न शोल्डर ज्यादा दर्दनाक और लंबा हो सकता है। शुगर को नियंत्रण में रखना सुधार में मदद करता है। स्टेरॉयड इंजेक्शन के बाद कुछ दिनों के लिए शुगर बढ़ सकती है, इसलिए डॉक्टर को अपनी बीमारी और दवाओं के बारे में जरूर बताएं और सलाह के अनुसार शुगर जांचते रहें।
ये कसरत आमतौर पर बताई जाती हैं, लेकिन सही कसरत चरण पर निर्भर करती है। इन्हें धीरे करें और तेज दर्द में रुक जाएं।
इनके अलावा कसरत आप फ्रोज़न शोल्डर की एक्सरसाइज पेज पर भी देख सकते हैं।
यह समस्या धैर्य मांगती है। कई लोगों में सुधार महीनों में दिखता है और कुछ में एक से दो साल तक लग सकते हैं। इलाज का लक्ष्य दर्द कम करना, बची हुई गति को बचाना और सुधार के दौर को छोटा करना है। अगर बहुत हफ्तों तक कोई बदलाव न दिखे या दर्द बढ़ता जाए, तो योजना बदलवाने के लिए डॉक्टर से दोबारा मिलें।
अगर कंधे का दर्द और जकड़न कई हफ्तों से परेशान कर रही है, तो वेदांत पेन मैनेजमेंट क्लिनिक में जांच करवा सकते हैं। यहां पहले सही कारण की पहचान और फिर बिना सर्जरी इलाज पर जोर दिया जाता है। कंधे के दर्द से राहत के सामान्य उपाय कंधे के दर्द में सबसे अच्छी राहत पेज पर भी पढ़ सकते हैं। दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम से भी मरीज आते हैं। पुरानी रिपोर्ट और चल रही दवाइयों की सूची साथ लाएं।
पता: मकान नंबर 21, सेक्टर 9, सेक्टर 9 हुडा मार्केट के सामने, फरीदाबाद, हरियाणा 121006
फोन: +91 8171244512
समय: सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक
फ्रोज़न शोल्डर लंबा चलने वाली समस्या है, लेकिन सही समय पर जांच, चरण के अनुसार इलाज और नियमित कसरत से दर्द और जकड़न को काफी कम किया जा सकता है। अगर कंधे का दर्द रात में नींद तोड़ रहा है या हाथ उठाना मुश्किल हो गया है, तो देर न करें और विशेषज्ञ से मिलें।
लेखक: डॉ. मोहित गुप्ता, इंटरवेंशनल पेन फिजिशियन, वेदांत पेन मैनेजमेंट क्लिनिक, फरीदाबाद। यह जानकारी सामान्य शिक्षा के लिए है और डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है।