फ्रोज़न शोल्डर: कारण, लक्षण और इलाज (Frozen Shoulder in Hindi)

फ्रोज़न शोल्डर: कारण, लक्षण और इलाज (Frozen Shoulder in Hindi)

कंधे में ऐसा दर्द जो रात को करवट लेने नहीं देता, बाल बांधने या पीठ पर हाथ ले जाने में रुकावट डालता है और हाथ ऊपर उठाने पर अटक जाता है, अक्सर फ्रोज़न शोल्डर का संकेत होता है। लोग इंटरनेट पर frozen shoulder in hindi और kandhe me dard ka ilaj जैसे शब्द खोजते हैं। इस लेख में हम आसान हिंदी में बताएंगे कि फ्रोज़न शोल्डर क्या है, यह किसे होता है, इसके चरण और लक्षण क्या हैं, और फ्रोज़न शोल्डर का इलाज कैसे किया जाता है।

यह जानकारी वेदांत पेन मैनेजमेंट क्लिनिक, फरीदाबाद के अनुभव पर आधारित है। यह डॉक्टर की जांच का विकल्प नहीं है।

फ्रोज़न शोल्डर क्या है?

कंधे का जोड़ एक पतली झिल्ली या कैप्सूल से घिरा रहता है। फ्रोज़न शोल्डर, जिसे मेडिकल भाषा में एडहेसिव कैप्सुलाइटिस कहते हैं, में यह कैप्सूल सूज जाता है, मोटा और कसा हुआ हो जाता है। इससे कंधे की हरकत धीरे-धीरे बहुत सीमित हो जाती है। आप खुद हाथ उठाएं या कोई और उठाए, दोनों स्थितियों में कंधा एक सीमा के बाद आगे नहीं बढ़ता।

इसी वजह से यह कंधे की मांसपेशी या टेंडन की चोट से अलग होता है, जहां कोई दूसरा व्यक्ति हाथ को ज्यादा उठा सकता है। विस्तार से पढ़ने के लिए हमारा पेज फ्रोज़न शोल्डर (एडहेसिव कैप्सुलाइटिस) देखें।

फ्रोज़न शोल्डर किसे ज्यादा होता है?

  • 40 से 60 साल की उम्र के लोगों में, और महिलाओं में ज्यादा
  • डायबिटीज के मरीजों में
  • थायरॉइड की समस्या वाले लोगों में
  • कंधे की चोट, फ्रैक्चर या सर्जरी के बाद लंबे समय तक हाथ को स्थिर रखने वालों में
  • दिल या फेफड़े की कुछ बीमारियों के बाद, जब कंधे का इस्तेमाल काफी कम हो गया हो

फ्रोज़न शोल्डर के तीन चरण

फ्रोज़न शोल्डर आमतौर पर तीन चरणों से गुजरता है। हर चरण में लक्षण और इलाज की जरूरत अलग होती है।

पहला चरण: दर्द का दौर (फ्रीजिंग)

इसमें कंधे में दर्द सबसे ज्यादा होता है, खासकर रात में और उस करवट पर लेटने पर। धीरे-धीरे कंधे की हरकत कम होने लगती है। यह चरण कई हफ्तों से कुछ महीनों तक चल सकता है।

दूसरा चरण: जकड़न का दौर (फ्रोज़न)

दर्द कुछ कम होने लगता है, लेकिन जकड़न चरम पर होती है। कपड़े पहनना, ऊंची अलमारी तक हाथ ले जाना या पीठ पर हाथ पहुंचाना मुश्किल हो जाता है।

तीसरा चरण: सुधार का दौर (थॉइंग)

कंधे की हरकत धीरे-धीरे लौटने लगती है। यह चरण भी कई महीने ले सकता है। इसमें कंधे को मजबूत करना और सामान्य गतिविधियों पर लौटना मुख्य लक्ष्य होता है।

फ्रोज़न शोल्डर के लक्षण

  • कंधे में लगातार दर्द, जो रात में बढ़ता है
  • हाथ को ऊपर, पीछे या बाहर की ओर घुमाने में दिक्कत
  • बाल बांधना, कंघी करना, ब्रा का हुक लगाना या जेब में हाथ डालना मुश्किल होना
  • कंधे में जकड़न और बाजू तक फैलता दर्द
  • प्रभावित करवट पर नींद न आना

कंधे के दर्द के और कारण

हर कंधे का दर्द फ्रोज़न शोल्डर नहीं होता। रोटेटर कफ की चोट, कैल्शियम जमना, कंधे के जोड़ में गठिया और गर्दन की नस पर दबाव भी इसी तरह का दर्द दे सकते हैं। गर्दन की नस की समस्या में दर्द कंधे से हाथ तक उतरता है, जिसके बारे में सर्वाइकल रेडिकुलोपैथी पेज पर पढ़ सकते हैं। कंधे के दर्द के सभी कारणों की जानकारी शोल्डर पेन ट्रीटमेंट पेज पर है। इसीलिए खुद से मालिश या दवा शुरू करने के बजाय सही जांच जरूरी है।

इन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर को दिखाएं

  • बाएं कंधे या बाजू में दर्द के साथ सीने में दर्द, सांस फूलना या पसीना। यह दिल की समस्या हो सकती है, इसलिए तुरंत इमरजेंसी में जाएं
  • कंधा गर्म, लाल और सूजा हुआ हो और साथ में बुखार हो
  • चोट या गिरने के बाद अचानक तेज दर्द और हाथ न उठा पाना
  • हाथ में कमजोरी या सुन्नपन जो तेजी से बढ़े

जांच कैसे होती है?

डॉक्टर कंधे की गति की जांच करते हैं और देखते हैं कि हाथ खुद उठाने और दूसरे द्वारा उठाने दोनों में गति कितनी सीमित है। जरूरत होने पर एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड या एमआरआई से दूसरी समस्याओं को परखा जाता है। डायबिटीज और थायरॉइड की जानकारी भी ली जाती है, क्योंकि ये इलाज को प्रभावित करते हैं।

फ्रोज़न शोल्डर का इलाज (चरण के हिसाब से)

सही इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस चरण में हैं। हमारा पेज फ्रोज़न शोल्डर का इलाज हर चरण का इलाज विस्तार से समझाता है। यहां संक्षेप में:

दर्द वाले चरण में

  • डॉक्टर की सलाह से दर्द और सूजन की दवाइयां
  • गुनगुना या ठंडा सेंक, जो आराम दे
  • दर्द की सीमा के भीतर हल्की हरकत वाली कसरत
  • तेज दर्द में इमेज गाइडेंस के साथ सुप्रास्कैपुलर नर्व ब्लॉक, जो कंधे के दर्द के संकेत ले जाने वाली नस पर असर करता है
  • चुनिंदा मामलों में जोड़ के अंदर स्टेरॉयड इंजेक्शन

जकड़न वाले चरण में

  • फिजियोथेरेपिस्ट के साथ नियमित स्ट्रेचिंग और गति बढ़ाने की कसरत
  • जबरदस्ती खींचने के बजाय धीरे और लगातार स्ट्रेच
  • जो मरीज इससे भी आगे नहीं बढ़ पाते, उनमें शोल्डर कैप्सूल रिलीज और एडहेसियोलाइसिस जैसे विकल्प पर जांच के बाद चर्चा की जाती है

सुधार वाले चरण में

अब ध्यान कंधे की मांसपेशियों को मजबूत करने और रोजमर्रा के काम पूरी तरह शुरू करने पर होता है। बहुत से लोग आराम मिलते ही कसरत छोड़ देते हैं, जिससे थोड़ी जकड़न रह जाती है।

सर्जरी कब सोची जाती है?

ज्यादातर मरीजों को सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती। कई महीनों के सही इलाज के बाद भी अगर कंधा बहुत जकड़ा रहे और नींद व काम पर असर पड़े, तब कंधे के सर्जन से मैनिपुलेशन या कैप्सूल रिलीज पर राय ली जाती है।

डायबिटीज और थायरॉइड में खास ध्यान

डायबिटीज में फ्रोज़न शोल्डर ज्यादा दर्दनाक और लंबा हो सकता है। शुगर को नियंत्रण में रखना सुधार में मदद करता है। स्टेरॉयड इंजेक्शन के बाद कुछ दिनों के लिए शुगर बढ़ सकती है, इसलिए डॉक्टर को अपनी बीमारी और दवाओं के बारे में जरूर बताएं और सलाह के अनुसार शुगर जांचते रहें।

घर पर क्या करें?

  • सोते समय प्रभावित बाजू के नीचे तकिया लगाएं और उस करवट पर सीधे न लेटें
  • कंधे को पूरी तरह स्थिर न रखें, हल्के कामों में इस्तेमाल करते रहें
  • कसरत से पहले नहाकर या सेंक से कंधे को गर्म कर लें
  • झटके से हाथ ऊपर करने, भारी सामान उठाने या जोर से खींचने से बचें
  • हर दिन देखें कि हाथ कितना ऊपर जाता है, ताकि धीमी प्रगति दिखे

फ्रोज़न शोल्डर की आसान एक्सरसाइज

ये कसरत आमतौर पर बताई जाती हैं, लेकिन सही कसरत चरण पर निर्भर करती है। इन्हें धीरे करें और तेज दर्द में रुक जाएं।

  • पेंडुलम: कमर से हल्का आगे झुकें और बेजान हाथ को घड़ी के पेंडुलम की तरह धीरे से आगे-पीछे और गोल घुमाएं।
  • टेबल स्लाइड: टेबल पर हाथ रखकर आगे की ओर धीरे से सरकाएं और कंधे में खिंचाव महसूस करें।
  • दीवार पर उंगलियां चढ़ाना: दीवार के सामने खड़े होकर उंगलियों से धीरे-धीरे ऊपर की ओर चलें।
  • क्रॉस-बॉडी स्ट्रेच: दूसरे हाथ से प्रभावित बाजू को धीरे से सीने के आर पार खींचें।

इनके अलावा कसरत आप फ्रोज़न शोल्डर की एक्सरसाइज पेज पर भी देख सकते हैं।

फ्रोज़न शोल्डर में क्या न करें?

  • दर्द के डर से कंधे को हफ्तों तक बिलकुल न हिलाएं
  • जबरदस्ती या झटके से हाथ खींचने वाली कसरत न करें
  • हड्डी बिठाने वाले से कंधे का झटकेदार मोड़-तोड़ न करवाएं
  • बिना सलाह के लंबे समय तक दर्द की गोलियां या स्टेरॉयड न लें
  • सीने में दर्द के साथ बाएं कंधे के दर्द को कंधे की समस्या मानकर टालें नहीं

फ्रोज़न शोल्डर में कितना समय लगता है?

यह समस्या धैर्य मांगती है। कई लोगों में सुधार महीनों में दिखता है और कुछ में एक से दो साल तक लग सकते हैं। इलाज का लक्ष्य दर्द कम करना, बची हुई गति को बचाना और सुधार के दौर को छोटा करना है। अगर बहुत हफ्तों तक कोई बदलाव न दिखे या दर्द बढ़ता जाए, तो योजना बदलवाने के लिए डॉक्टर से दोबारा मिलें।

फरीदाबाद में कंधे के दर्द का इलाज

अगर कंधे का दर्द और जकड़न कई हफ्तों से परेशान कर रही है, तो वेदांत पेन मैनेजमेंट क्लिनिक में जांच करवा सकते हैं। यहां पहले सही कारण की पहचान और फिर बिना सर्जरी इलाज पर जोर दिया जाता है। कंधे के दर्द से राहत के सामान्य उपाय कंधे के दर्द में सबसे अच्छी राहत पेज पर भी पढ़ सकते हैं। दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम से भी मरीज आते हैं। पुरानी रिपोर्ट और चल रही दवाइयों की सूची साथ लाएं।

पता: मकान नंबर 21, सेक्टर 9, सेक्टर 9 हुडा मार्केट के सामने, फरीदाबाद, हरियाणा 121006
फोन: +91 8171244512
समय: सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक

निष्कर्ष

फ्रोज़न शोल्डर लंबा चलने वाली समस्या है, लेकिन सही समय पर जांच, चरण के अनुसार इलाज और नियमित कसरत से दर्द और जकड़न को काफी कम किया जा सकता है। अगर कंधे का दर्द रात में नींद तोड़ रहा है या हाथ उठाना मुश्किल हो गया है, तो देर न करें और विशेषज्ञ से मिलें।

लेखक: डॉ. मोहित गुप्ता, इंटरवेंशनल पेन फिजिशियन, वेदांत पेन मैनेजमेंट क्लिनिक, फरीदाबाद। यह जानकारी सामान्य शिक्षा के लिए है और डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है।

Frequently Asked Questions

फ्रोज़न शोल्डर अक्सर कई महीनों तक चलता है और कुछ लोगों में एक से दो साल तक में पूरी तरह सुधरता है। इलाज और कसरत से दर्द और जकड़न की अवधि को छोटा और तकलीफ को कम किया जा सकता है। हर व्यक्ति में समय अलग हो सकता है।
कई लोगों में यह समय के साथ सुधरता है, लेकिन बिना इलाज के लंबे समय तक दर्द और कंधे की गति में कमी बनी रह सकती है। सही इलाज और कसरत से राहत जल्दी मिलती है और कंधे की हरकत को बचाए रखने में मदद होती है।
पेंडुलम कसरत, टेबल पर हाथ सरकाना, दीवार पर उंगलियों से ऊपर चढ़ना और हल्के स्ट्रेच आमतौर पर बताए जाते हैं। इन्हें दर्द की सीमा के भीतर धीरे-धीरे करें। चरण के हिसाब से सही कसरत अलग होती है, इसलिए जांच के बाद योजना बनवाना बेहतर है।
हां, डायबिटीज और थायरॉइड की बीमारी वाले लोगों में फ्रोज़न शोल्डर ज्यादा देखा जाता है और ऐसे मरीजों में यह ज्यादा जिद्दी भी हो सकता है। इसलिए शुगर पर अच्छा नियंत्रण रखना इलाज का जरूरी हिस्सा है।
कंधे के दर्द में पेन मैनेजमेंट विशेषज्ञ, ऑर्थोपेडिक डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट जांच कर सकते हैं। अगर आप पहले बिना सर्जरी के विकल्प जानना चाहते हैं, तो पेन स्पेशलिस्ट से मिलना अच्छा रहता है।
Best Pain Management Clinic In Faridabad Top Pain Treatments In Faridabad

Need Expert Consultation?

Schedule an appointment with Dr. Mohit Gupta for personalized care and treatment